Lake In Fatehpur: पांच करोड़ से संवारी गई झील, उड़ रही धूल… हरियाली भी नष्ट; पानी को तरस रहे पशु-पक्षी

झील में उड़ती धूल, Lake In Fatehpur; courtesy- Samvad

बतकही/फतेहपुर; उत्तर प्रदेश (UP News) के फतेहपुर (Fatehpur News) में पांच करोड़ खर्च करके जिला पंचायत से खोदाई गई झील (Lake In Fatehpur) में धूल उड़ रही है। कभी गर्मियों में भी पानी से गुलजार रहने वाली यह झील अब बारिश के दिनों में भी पानी को तरसती है। इस कारण इसके आसपास की हरियाली भी नष्ट हो गई है।

हथगाम (Hathgam Block) क्षेत्र के सेमरा मानापुर गांव (Semra Manapur Village News) में 198 बीघे में झील स्थित है। एक समय था कि इसमें सालभर पानी भरा रहता था। बारिश के मौसम में बाहर से विभिन्न प्रकार के पक्षी यहां आते रहे हैं। झील का किनारा हरियाली से भरा रहता था। कई किस्म के पेड़-पौधे खड़े रहते थे। गांव ही नहीं आसपास के लोग झील किनारे आकर बैठते थे। इससे उन्हें सुकून मिलता था।

झील की खोदाई में पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए

इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए तीन साल पहले जिला पंचायत ने झील (Lake In Fatehpur News) की खोदाई का काम शुरू कराया। इसकी खोदाई में पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए। हालांकि वर्तमान में झील को चार भागों में बांट दिया गया है। इससे झील ने अब चार तालाबों का रूप ले लिया है।

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झील सूखने से पशु-पक्षी पानी को तरस रहे

अब तकनीकी खामियों की वजह से इनमें पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे यह पूरी झील सूखी पड़ी है। सूखी भी इस कदर कि जो झील गर्मी में पशु-पक्षियों के लिए पानी का सहारा होती थी, वहां धूल उड़ रही है।

तकनीकी खामियों से झील में पानी नहीं पहुंच पा रहा

स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यदायी संस्था ने झील की गहराई दिखाने के लिए बाहर से मिट्टी डालकर इसे चार भागों में बांट दिया। इससे एक बड़ी झील चार तालाब बन गए। इनमें बाहर का पानी जाने के लिए पाइप डाले गए हैं। लेकिन, उनकी ऊंचाई बाहरी सतह से काफी ऊंची है। इस कारण पानी तालाब में नहीं पहुंच पाता है।

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झील के किनारे लगे पेड़ और पनपी हरियाली सूखी

तकनीकी खामी से चार तालाबों में बंटी इस झील में पानी नहीं पहुंच पा रहा। इसका खामियाजा क्षेत्र के लोगों समेत उन बेजुबान पशु-पक्षियों को भी भुगतना पड़ रहा है, जो इसमें पानी पीते थे। यही नहीं सुंदरीकरण के नाम पर तालाब किनारे हजारों पेड़ भी लगाए गए थे। लेकिन, देखरेख और पानी के आभाव में दो चार पेड़ छोड़कर सभी सूख गए हैं।

Source; https://epaper.amarujala.com/fatehpur/20250517/12.html?format=img&ed_code=fatehpur