पंचायत चुनाव 2026 (UP Panchayat Election 2026) के लिए चल रहे मतदाता पुनरीक्षण अभियान की समयसीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब दावे और आपत्तियों के निस्तारण सहित सभी संबंधित कार्यवाही 13 अप्रैल 2026 तक पूरी की जाएगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 15 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की जाएगी। यह दूसरी बार है जब समयसीमा बढ़ाई गई है, जिससे चुनाव समय पर कराना प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है और चुनाव टलने की आशंका भी बढ़ गई है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने 18 दिसंबर 2025 को प्रारंभिक पुनरीक्षित मतदाता सूची जारी की थी। इस सूची में पिछले चुनाव की तुलना में लगभग 40.19 लाख नए मतदाता जोड़े गए थे। सूची जारी होने के बाद दावे और आपत्तियां आमंत्रित की गईं। सुनवाई के बाद अंतिम सूची 6 फरवरी को जारी की जानी थी, जिसे पहले बढ़ाकर 28 मार्च किया गया और अब दूसरी बार तिथि आगे बढ़ाई गई है।
दस्तावेजी कार्य पूरे किए जाएंगे
राज्य निर्वाचन आयुक्त आर.पी. सिंह के अनुसार, दावे व आपत्तियों के निस्तारण के बाद हस्तलिखित पांडुलिपियां तैयार की जाएंगी, संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा तथा अन्य दस्तावेजी कार्य पूरे किए जाएंगे। पूरक सूचियों का कंप्यूटरीकरण कर उन्हें मूल सूची में समाहित किया जाएगा और मतदान केंद्रों व स्थलों का निर्धारण किया जाएगा।
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संशोधित कार्य कार्यक्रम
21 फरवरी – 16 मार्च
दावे व आपत्तियों का निस्तारण, पांडुलिपि तैयारी, डुप्लीकेट मतदाता सत्यापन एवं दस्तावेजी कार्य।
17 मार्च – 13 अप्रैल
मतदान केंद्र क्रमांकन, वार्ड मैपिंग, मतदाता क्रमांकन, स्टेट वोटर नंबर आवंटन और अन्य तकनीकी कार्य।
15 अप्रैल 2026
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रक्रिया में देरी से पंचायत चुनाव कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है।


