देशभर में आधार कार्ड (Aadhaar Card Deactivation) भारतीय नागरिकों के लिए आज सबसे अहम पहचान पत्र बन चुका है। बैंकिंग, पेंशन, सब्सिडी, सरकारी योजनाएं और मोबाइल सिम से लेकर डिजिटल भुगतान तक, लगभग हर जरूरी काम में आधार की भूमिका है। ऐसे में आधार डेटा का सुरक्षित और सटीक होना सरकार और नागरिक दोनों के लिए बेहद जरूरी हो जाता है।
इसी दिशा में केंद्र की मोदी सरकार ने आधार सिस्टम को और मजबूत और भरोसेमंद बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। देशभर में चल रहे आधार रिकॉर्ड क्लीन-अप अभियान के तहत अब तक 2.5 करोड़ (25 मिलियन) से अधिक आधार नंबर डी-एक्टिवेट किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई उन आधार कार्ड्स पर की गई है, जो ऐसे लोगों के नाम पर थे, जिनका निधन हो चुका है।
क्यों बंद किए गए 2.5 करोड़ आधार कार्ड?
आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि भारत में करीब 134 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड है। इतने बड़े डेटाबेस को अपडेट और सही बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से आधार रिकॉर्ड की गहन समीक्षा की जा रही है।
जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में ऐसे आधार नंबर सक्रिय हैं, जिनके धारक अब जीवित नहीं हैं। ऐसे आधार कार्ड्स के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए UIDAI ने उन्हें डी-एक्टिवेट करने का फैसला लिया।
आम नागरिकों को क्या होगा फायदा?
इस फैसले से कई स्तरों पर फायदा होगा-
- मृतक आधार का इस्तेमाल कर सरकारी योजनाओं का गलत लाभ उठाने पर रोक लगेगी
- आधार डेटा ज्यादा सटीक और विश्वसनीय बनेगा
- फ्रॉड और फर्जीवाड़े के मामलों में कमी आएगी
- नागरिकों का अपने पहचान पत्र पर भरोसा मजबूत होगा
- बैंकिंग और डिजिटल लेन-देन पहले से ज्यादा सुरक्षित होंगे
कुल मिलाकर, यह कदम देश की डिजिटल व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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कहीं आपका आधार गलती से तो डीएक्टिवेट नहीं?
अगर आप यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आपका आधार कार्ड सक्रिय है या नहीं, तो इसकी जांच करना बेहद आसान है।
- UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट https://uidai.gov.in/ या mAadhaar मोबाइल ऐप पर जाएं
- “Aadhaar Status” या “Verify Aadhaar” विकल्प चुनें
- अपना 12 अंकों का आधार नंबर और जरूरी विवरण भरें
- कुछ ही सेकंड में आपको आधार की स्थिति की जानकारी मिल जाएगी
अगर किसी वजह से आधार निष्क्रिय दिखे, तो नजदीकी आधार सेवा केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।
आधार सुरक्षा के लिए नई तकनीकें
- सरकार ने आधार को और सुरक्षित बनाने के लिए कई नई सुविधाएं भी शुरू की हैं—
- बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक: फिंगरप्रिंट और आईरिस को लॉक कर सकते हैं
- फेस ऑथेंटिकेशन: लेन-देन के समय व्यक्ति की मौजूदगी सुनिश्चित करता है
- सिक्योर QR कोड: बिना इंटरनेट पहचान की सुविधा
- ई-आधार: डिजिटल और सुरक्षित आधार विकल्प
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दरअसल, 2.5 करोड़ आधार कार्ड्स का डी-एक्टिवेशन सिर्फ एक प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि डिजिटल भारत को सुरक्षित बनाने की बड़ी पहल है। इससे न केवल सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आम नागरिकों का भरोसा भी मजबूत होगा।



